144% की दर से बढ़ेगी डेटा की खपत, 15 रुपए में मिलेगा 1 जीबी डेटा

भारत में मोबाइल डेटा का इस्तेमाल 144% सालाना की दर से बढ़ रहा है। इसमें से 4-जी डेटा का इस्तेमाल 11 जीबी प्रति यूजर प्रतिमाह की दर से बढ़ रहा है। जियो आने से पहले 2016 तक ये खपत 1-1.5 जीबी थी। 2019 में देश में मोबाइल डेटा का इस्तेमाल बढ़ने की दर 150% से भी ज्यादा हो सकती है। देश में अभी कुल जितना डेटा इस्तेमाल किया जा रहा है, उसमें से 65% हिस्सा सिर्फ वीडियो देखने में इस्तेमाल किया जा रहा है।

15 रुपए में मिल सकता है 1 जीबी डेटा

2014 में एक जीबी डेटा की औसत कीमत 269 रुपए थी, जो घटते-घटते 2017 में 19 रुपए तक आ गई है। कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण 2019 में एक जीबी डेटा 15 रुपए से भी कम में मिलने की संभावना है। ऑनलाइन वीडियो मार्केट में स्थानीय भाषाओं का चलन जोर पकड़ रहा है। अगले एक साल में वीडियो का 80% से ज्यादा मार्केट स्थानीय भाषाओं का होगा।

नासा ब्रह्मांड की सभी ज्ञात सीमाओं के पार
नासा का अंतरिक्षयान ‘न्यू होराइजन्स’ ब्रह्मांड की अभी तक ज्ञात सभी सीमाओं को लांघते हुए अल्टिमा थुले (ब्रह्मांड की सीमाओं से आगे का स्थान) के लिए निकल जाएगा। वहां जाकर ये यान इस बात की जानकारी जुटाएगा कि धरती के वायुमंडल का निर्माण कैसे हुआ है।

ऑटोमेटेड सिग्नल से ट्रैफिक सिग्नल सुधारने में चीन आगे

अलीबाबा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ‘सिटी ब्रेन’ पर काम कर रही है। इसके लिए चीन की सड़कों पर हजारों कैमरे लगाए गए हैं। इनसे ट्रैफिक लाइट से लेकर एक्सीडेंट तक के डेटा इकट्‌ठा किए जा रहे हैं। इसके आधार पर ट्रैफिक में सुधार किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट में ऑटोमेटेड सिग्नल से गाड़ियों की औसत स्पीड 15% बढ़ गई। ट्रैवल टाइम भी औसतन 3 मिनट कम हो गया। इमरजेंसी में एंबुलेंस के पहुंचने का समय 50% घट गया। ये व्यवस्था इस साल से स्थायी हो जाएगी।

तेल और गैस जैसे जोखिम वाले सेक्टर के कर्मचारी ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी का इस्तेमाल शुरू करेंगे। कई देशों में कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है। 2019 से ये व्यवस्था सुचारु रूप से चलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि 2022 तक इसका बाजार 42 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। भारत में भी इसको लेकर रिसर्च जोरशोर से जारी है।

फोल्डेबल फोन: 1.5 लाख रु. तक कीमत
सैमसंग और हुवावे ने कहा है कि 2019 में वे फोल्डेबल फोन लॉन्च करेंगी। सैमसंग ने इसका प्रोटोटाइप दिखाया था। इनकी कीमत 1.5 लाख रुपए से ऊपर ही रहेगी। साथ ही एपल आईफोन-XI आ सकता है। इस साल लॉन्च होने वाले फोन में वाई-ऑक्टा डिस्प्ले रखा जा सकता है। यह पतला, हल्का और बेहतर काम करता है।

देश में 30 करोड़ मोबाइल फोन बिकेंगे
भारत में 2019 में रिकॉर्ड 30.2 करोड़ मोबाइल फोन बिकने की उम्मीद है। इसमें स्मार्टफोन की 14.9 करोड़ (49.34%), स्मार्ट-फीचर फोन की 5.5 करोड़ (18.21%) और फीचर फोन की 9.8 करोड़ (32.45%) हिस्सेदारी होगी। यह अनुमान टेक्नोलॉजी रिसर्च कंसल्टिंग फर्म टेकआर्क का है। 2018 में करीब 27 करोड़ मोबाइल फोन बिके हैं।

शॉपिंग, गेम्स एप का इस्तेमाल 60% बढ़ेगा
मोबाइल फोन पर शॉपिंग, वीडियो और गेम्स के एप का इस्तेमाल 60% तक बढ़ जाएगा। ऐसा डेटा सस्ता होने और मोबाइल फोन पर इसकी स्पीड बढ़ने से होगा। यह संभावना एप डिस्ट्रीब्यूशन और डिजिटल मार्केटिंग फर्म मोमैजिक की रिपोर्ट में जताई गई है। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूज़ कंटेंट क्रिएट करने वाले देशों में है। इसकी डिमांड भी बढ़ेगी।

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